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268 दक्षिण भारतीय व्यंजन | दक्षिण भारतीय रेसिपी | रेसिपी

User Tarla Dalal  •  Updated : Jan 06, 2026
   

पारंपरिक दक्षिण भारतीय व्यंजन  Traditional South Indian Dishes

पारंपरिक दक्षिण भारतीय व्यंजन एक समृद्ध पाक विरासत का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो क्षेत्रीय सामग्री, जलवायु और सदियों पुरानी पकाने की तकनीकों से विकसित हुई है। ये व्यंजन दैनिक जीवन और धार्मिक परंपराओं से गहराई से जुड़े होते हैं तथा संतुलन, पोषण और प्राकृतिक स्वाद पर विशेष जोर देते हैं।

  
काले बाउल में परोसी गई दक्षिण भारतीय दही चावल, ऊपर से करी पत्ते, राई और दाल के तड़के से सजी हुई, हल्के बैकग्राउंड पर रखी गई है और तस्वीर पर “South Indian Recipes” लिखा हुआ दिखाई देता है।
South Indian - Read in English

इडली, डोसा, वड़ा और उत्तपम जैसे मुख्य व्यंजन किण्वित चावल और दालों से तैयार किए जाते हैं, जिससे उनकी बनावट हल्की और पाचन क्षमता बेहतर होती है। सांभर, रसम और नारियल चटनी जैसे स्वादिष्ट साथ परोसे जाने वाले व्यंजन मसालों, इमली और ताज़े नारियल के उपयोग से स्वाद में गहराई लाते हैं। चावल अधिकांश भोजन का केंद्र रहता है, जिसे सब्ज़ियों की करी, दाल आधारित ग्रेवी और दही के साथ परोसा जाता है।

 

पकाने की विधियों में भाप में पकाना, धीमी आंच पर उबालना और तड़का लगाना प्रमुख होता है, जिससे स्वाद और पोषण दोनों सुरक्षित रहते हैं। न्यूनतम तेल और संतुलित मसालों के साथ दक्षिण भारतीय भोजन सादगी, विविधता और पोषण से भरपूर संतुष्टि प्रदान करता है, साथ ही अपनी पारंपरिक पहचान बनाए रखता है।

 

 

1. पारंपरिक दक्षिण भारतीय नाश्ते के व्यंजन Traditional South Indian Breakfast Dishes

 

इडली

इडली एक नरम, स्टीम किया हुआ नाश्ता है जो किण्वित चावल और दाल के घोल से बनाया जाता है। यह पेट के लिए हल्का और आसानी से पचने योग्य होता है, इसलिए सभी उम्र के लोगों के लिए उपयुक्त है। इसका हल्का स्वाद साधारण साथ के साथ अच्छी तरह मेल खाता है। नरम बनावट के कारण इसे अक्सर स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए चुना जाता है। यह एक भरोसेमंद और परिचित दक्षिण भारतीय नाश्ता है।

 

सादा डोसा

सादा डोसा किण्वित चावल और दाल से बना पतला और कुरकुरा क्रेप होता है। प्राकृतिक किण्वन के कारण यह लगातार ऊर्जा प्रदान करता है। हल्का खट्टा स्वाद पाचन को बेहतर बनाता है। इसे अलग-अलग साथ के साथ आसानी से खाया जा सकता है। सादा डोसा एक प्रमुख दक्षिण भारतीय नाश्ता है।

 

 

मेदु वड़ा

मेदु वड़ा दाल के घोल से बना एक नमकीन, डोनट के आकार का नाश्ता है। इसका बाहरी हिस्सा कुरकुरा और अंदर से नरम होता है। हल्का मसाला इसे बच्चों और बुज़ुर्गों दोनों के लिए उपयुक्त बनाता है। इसे अक्सर आरामदायक नाश्ते के हिस्से के रूप में परोसा जाता है। मेदु वड़ा एक लोकप्रिय दक्षिण भारतीय नाश्ता है।

 

 

क्विक रवा इडली

क्विक रवा इडली सूजी से बनने वाली एक इंस्टेंट इडली है, जिसमें फर्मेंटेशन की जरूरत नहीं होती। यह अचानक बनने वाले भोजन के लिए एकदम सही विकल्प है। दही और तड़का इसमें नरमी और स्वाद जोड़ते हैं। इसकी बनावट हल्की दानेदार लेकिन नम और मुलायम होती है। यह व्यस्त सुबहों और जल्दी बनने वाले शाम के नाश्ते के लिए आदर्श है।

 

 

ऑनियन उत्तपम
ऑनियन उत्तपम एक मोटा, पैनकेक जैसा डोसा होता है, जिसके ऊपर कटी हुई सब्ज़ियाँ डाली जाती हैं। इसे धीमी आंच पर पकाया जाता है ताकि बीच से नरम और नीचे से हल्का कुरकुरा रहे। सब्ज़ियाँ रंग, स्वाद और पोषण जोड़ती हैं। यह पेट भरने वाला लेकिन संतुलित व्यंजन है। इसे नारियल चटनी और सांभर के साथ परोसा जाता है।

 

 

 

2. लोकप्रिय दक्षिण भारतीय चावल आधारित भोजन opular South Indian Rice-Based Meals

 

सांभर राइस
सांभर राइस एक आरामदायक एक-पात्र भोजन है, जिसमें चावल, दाल, सब्ज़ियाँ और सुगंधित मसाले शामिल होते हैं। यह कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फाइबर का संतुलित मिश्रण प्रदान करता है। इसका स्वाद हल्का तीखा और खट्टा होता है, जिससे यह संतोषजनक और पचने में आसान बनता है। इसे अक्सर दोपहर के भोजन में खाया जाता है। घी या पापड़ इसका स्वाद बढ़ाते हैं।

 

 

दही चावल

दही चावल ठंडक देने वाला और सुकूनदायक नाश्ता है। यह पाचन में सहायक होता है और पेट के लिए हल्का रहता है। इसका हल्का स्वाद बुज़ुर्गों के लिए अनुकूल होता है। इसे बनाना और परोसना आसान है। दही चावल अक्सर दक्षिण भारतीय नाश्ते में शामिल किया जाता है।

 

 

नींबू चावल

नींबू चावल स्वादिष्ट और ताज़गी भरा चावल का व्यंजन है। इसे पैक करना आसान होता है और यह लंबे समय तक ताज़ा रहता है। संतुलित मसाले इसे सभी उम्र के लोगों के लिए उपयुक्त बनाते हैं। यह जल्दी ऊर्जा प्रदान करता है। नींबू चावल दक्षिण भारतीय नाश्ते में अच्छा विकल्प है।

 

 

इमली चावल

इमली चावल खट्टा और हल्का मसालेदार स्वाद लिए होता है। यह पेट भरने वाला और खुशबूदार होता है। यह यात्रा या लंबी सुबहों के लिए उपयुक्त रहता है। यह स्टीम किए हुए व्यंजनों से अलग एक बदलाव देता है। इमली चावल नाश्ते में विविधता लाता है।

 

 

वेजिटेबल बिरयानी (दक्षिण भारतीय शैली)
दक्षिण भारतीय वेजिटेबल बिरयानी सब्ज़ियों और साबुत मसालों के साथ पकाया गया हल्का मसालेदार चावल का व्यंजन है। उत्तर भारतीय बिरयानी की तुलना में यह कम तेलीय और हल्की होती है। इसमें नारियल और करी पत्ते क्षेत्रीय स्वाद जोड़ते हैं। यह बिना भारी हुए स्वाद से भरपूर होती है। इसे रायता या दही के साथ परोसा जाता है।

 

 

3. दक्षिण भारतीय स्नैक्स और टिफिन आइटम South Indian Snacks & Tiffin Items

 

उपमा

उपमा सूजी से बना जल्दी तैयार होने वाला नाश्ता है। ताज़ा खाने पर यह हल्का लेकिन पेट भरने वाला होता है। सब्ज़ियाँ इसमें बनावट और संतुलन जोड़ती हैं। यह व्यस्त कार्यदिवस की सुबहों के लिए उपयुक्त है। उपमा एक भरोसेमंद दक्षिण भारतीय नाश्ता है।

 

 

मसाला डोसा

मसाला डोसा एक कुरकुरा डोसा होता है, जिसमें हल्के मसालेदार आलू की भरावन होती है। यह पेट भरने वाला और संतुलित पोषण प्रदान करता है। कार्बोहाइड्रेट और सब्ज़ियों का मेल इसे संतोषजनक बनाता है। यह लंबे समय तक भूख नहीं लगने देता। मसाला डोसा दक्षिण भारतीय नाश्ते में बेहद लोकप्रिय है।

 

 

अप्पे

अप्पे किण्वित घोल से बने छोटे, नरम स्टीम किए हुए पकवान होते हैं। इन्हें परोसना आसान होता है और बच्चे इन्हें मज़े से खाते हैं। हल्का स्वाद इन्हें अलग-अलग साथ के साथ खाने योग्य बनाता है। सुविधा के लिए इन्हें छोटे हिस्सों में तैयार किया जाता है। ये दक्षिण भारतीय नाश्ते में सरलता और विविधता जोड़ते हैं।

 

 

 

 

4. पारंपरिक दक्षिण भारतीय मिठाइयाँ और त्योहार विशेष व्यंजन Traditional South Indian Sweets & Festival Specialties

 

पाल पायसम रेसिपी
चावल की खीर एक पारंपरिक दक्षिण भारतीय मिठाई है, जो चावल, दूध और चीनी से बनाई जाती है। इसे धीमी आंच पर पकाया जाता है ताकि मलाईदार बनावट मिले। इलायची इसकी खुशबू बढ़ाती है। मेवे इसमें समृद्धि और स्वाद जोड़ते हैं। यह मिठाई त्योहारों और खास अवसरों पर बनाई जाती है।

 

 

इंस्टेंट रोज़ कोकोनट लड्डू

 एक सुगंधित और आसान मिठाई है, जिसे नारियल और गुलाब के स्वाद से तैयार किया जाता है। यह बिना ज़्यादा पकाने के जल्दी बन जाती है, इसलिए त्योहारों या अचानक मेहमान आने पर आदर्श रहती है। गुलाब एसेंस या गुलकंद इसे हल्की खुशबू और नाज़ुक मिठास देता है। नारियल इसकी बनावट को मुलायम और भरपूर बनाता है। यह मिठाई देखने में आकर्षक और स्वाद में हल्की होती है।

 

सेमियां पायसम 
सेमियां पायसम एक पारंपरिक दक्षिण भारतीय मिठाई है, जो सेवई, दूध और चीनी से बनाई जाती है। इसकी बनावट क्रीमी और स्वाद हल्का मीठा होता है। भुने हुए काजू और किशमिश इसमें समृद्धि और कुरकुरापन जोड़ते हैं। यह पायसम त्योहारों और खास अवसरों पर बनाया जाता है। इसे गरम या हल्का ठंडा परोसा जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1.दक्षिण भारतीय व्यंजन किस लिए प्रसिद्ध हैं?
दक्षिण भारतीय व्यंजन अपनी हल्की बनावट, संतुलित मसालों और चावल व दाल आधारित तैयारियों के लिए जाने जाते हैं। इनमें प्राकृतिक स्वाद, किण्वन और पोषक पकाने की विधियों पर जोर दिया जाता है।

 

2.दक्षिण भारतीय व्यंजनों में कौन-सी सामग्री आमतौर पर उपयोग होती है?
आम सामग्री में चावल, उड़द दाल, अन्य दालें, नारियल, इमली, करी पत्ता, सरसों के दाने और पारंपरिक मसाले शामिल हैं। ये स्वाद और पाचन दोनों में योगदान देती हैं।

 

3.क्या दक्षिण भारतीय व्यंजन स्वास्थ्यवर्धक होते हैं?
हाँ, कई दक्षिण भारतीय व्यंजन स्वास्थ्यवर्धक माने जाते हैं क्योंकि इनमें भाप में पकाने, किण्वन और कम तेल का उपयोग होता है। इडली और डोसा जैसे किण्वित खाद्य पदार्थ पाचन में सहायक होते हैं।

 

4.क्या दक्षिण भारतीय व्यंजन हमेशा तीखे होते हैं?
नहीं, दक्षिण भारतीय व्यंजन तीखे नहीं बल्कि संतुलित और सुगंधित होते हैं। मसाले की तीव्रता को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।

 

 

5. सबसे लोकप्रिय दक्षिण भारतीय व्यंजन कौन-से हैं?
लोकप्रिय व्यंजनों में इडली, डोसा, वड़ा, उत्तपम, सांभर, रसम और दही चावल शामिल हैं। ये नाश्ता, दोपहर और रात के भोजन में खाए जाते हैं।

 

6.क्या दक्षिण भारतीय भोजन में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों विकल्प होते हैं?
हाँ, दक्षिण भारतीय भोजन में शाकाहारी व्यंजनों की भरपूर विविधता के साथ-साथ तटीय क्षेत्रों में मछली, चिकन और अंडे के व्यंजन भी शामिल हैं।

 

7.दक्षिण भारतीय व्यंजनों में चावल की क्या भूमिका है?
चावल मुख्य आहार है और अधिकांश भोजन का आधार बनता है। इसे सादा, किण्वित, भाप में पका हुआ या दही चावल और नींबू चावल जैसे व्यंजनों में उपयोग किया जाता है।

 

8.क्या दक्षिण भारतीय व्यंजन रोज़मर्रा के भोजन के लिए उपयुक्त हैं?
हाँ, दक्षिण भारतीय व्यंजन रोज़ाना खाने के लिए उपयुक्त हैं क्योंकि वे हल्के, पौष्टिक और पचने में आसान होते हैं। इनका संतुलित स्वरूप सभी आयु वर्ग के लिए उपयुक्त है।

 

 

निष्कर्ष Conclusion


दक्षिण भारतीय व्यंजन परंपरा, पोषण और स्वाद का आदर्श संतुलन प्रस्तुत करते हैं, जिससे वे दैनिक भोजन का अहम हिस्सा बनते हैं। चावल, दालें, ताज़े मसाले और समय-परीक्षित पकाने की तकनीकें स्वाद और स्वास्थ्य दोनों सुनिश्चित करती हैं। भाप में बने नाश्तों से लेकर आरामदायक चावल के भोजन और स्वादिष्ट साथ परोसे जाने वाले व्यंजनों तक, ये सभी आयु वर्ग और जीवनशैली के लिए उपयुक्त हैं। सरल सामग्री और सावधानीपूर्वक तैयारी के साथ, दक्षिण भारतीय भोजन आधुनिक रसोई में भी अपनी प्रासंगिकता बनाए रखते हुए अपनी सांस्कृतिक जड़ों को संजोए रखता है।

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