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36 गुजराती मिठाई, गुजरात की प्रसिद्ध मिठाइयाँ रेसिपी

User Tarla Dalal  •  Updated : Jan 06, 2026
   

पारंपरिक गुजराती मिठाइयाँ जिन्हें आपको ज़रूर आज़माना चाहिए Traditional Gujarati Mithai You Must Try

पारंपरिक गुजराती मिठाइयाँ गुजराती भोजन परंपरा की आत्मा मानी जाती हैं, जहाँ प्रामाणिक स्वाद, सरल घरेलू सामग्री और पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक विधियाँ एक साथ मिलती हैं। इन मिठाइयों की सबसे बड़ी पहचान उनकी संतुलित और सौम्य मिठास है, जिसमें अत्यधिक चीनी से बचते हुए घी, दूध, आटा और गुड़ की प्राकृतिक समृद्धि को प्रमुखता दी जाती है। यही संतुलन गुजराती मिठाइयों को दैनिक सेवन और विशेष आयोजनों दोनों के लिए उपयुक्त बनाता है।

  
नट्स से सजी जलेबी के साथ परोसी गई गुजराती स्वीट मिठाई की थाली, साथ में समोसे और छोटी कटोरियों में चटनी, और तस्वीर पर “Gujarati Sweet Mithai” लिखा हुआ दिखाई देता है।
Gujarati Sweet Mithai - Read in English
ગુજરાતી મીઠાઇ - ગુજરાતી માં વાંચો (Gujarati Sweet Mithai in Gujarati)

गुजराती मिठाइयों की परंपरा की एक विशिष्ट पहचान उनका पारिवारिक संस्कारों और त्योहारों से गहरा संबंध है। विवाह समारोह, धार्मिक अनुष्ठान और मौसमी पर्वों में मिठाई खुशी, समृद्धि और पारिवारिक एकता का प्रतीक होती है। अनेक मिठाइयाँ आज भी घर की रसोई में पारंपरिक तरीके से बनाई जाती हैं, जिनमें पीढ़ीगत ज्ञान और बचपन की यादों से जुड़ा भावनात्मक मूल्य समाहित होता है।

 

गुजराती मिठाइयों में अद्भुत विविधता और उपयोगिता देखने को मिलती है। दूध आधारित मिठाइयाँ कोमल और सुकून देने वाला अनुभव प्रदान करती हैं, जबकि आटा और घी से बनी पारंपरिक मिठाइयाँ लंबे समय तक ऊर्जा और तृप्ति देती हैं। गुड़ से बनी देसी मिठाइयाँ प्राकृतिक पोषण और मौसमी संतुलन को दर्शाती हैं, विशेष रूप से ऋतु परिवर्तन के समय। वहीं, त्योहार-विशेष मिठाइयाँ अवसरों में भव्यता और उत्सव की मिठास जोड़ती हैं।

 

आज के आधुनिक रसोईघरों में भी पारंपरिक गुजराती मिठाइयाँ अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखते हुए बदलती जीवनशैली के अनुसार ढल रही हैं। चाहे घरेलू मिठाई के रूप में परोसी जाए, त्योहारों में साझा की जाए या उपहार स्वरूप भेंट की जाए—ये मिठाइयाँ स्वाद, परंपरा और विरासत की कालातीत अभिव्यक्ति हैं, जिन्हें हर भोजन और संस्कृति प्रेमी को अवश्य अनुभव करना चाहिए।

 

1. दूध से बनी गुजराती मिठाइयाँ  Milk-Based Gujarati Sweet Mithai

इस श्रेणी में दूध, खोया, पनीर या कंडेंस्ड मिल्क से बनी पारंपरिक और समृद्ध मिठाइयाँ शामिल हैं। ये मिठाइयाँ नरम, मलाईदार और उत्सवपूर्ण होती हैं। इन्हें आमतौर पर विवाह, 

धार्मिक अवसरों और बड़े त्योहारों पर बनाया जाता है। इलायची और केसर की हल्की खुशबू के साथ इनकी मिठास संतुलित होती है, जिससे ये हर उम्र के लोगों को पसंद आती हैं।

 

दूध पाक

दूध पाक एक सुकून देने वाली दूध से बनी गुजराती मिठाई है, जिसे नरम पके चावल और हल्की मिठास के साथ तैयार किया जाता है।
इसकी मलाईदार बनावट इसे परिचित और आरामदायक बनाती है। बच्चे इसके सौम्य स्वाद और मुलायम बनावट को खूब पसंद करते हैं। यह जल्दी बनने वाली पारिवारिक मिठाई के रूप में भी लोकप्रिय है।

 

बासुंदी

बासुंदी एक गाढ़ी दूध की मिठाई है, जिसका स्वाद समृद्ध लेकिन संतुलित होता है।
यह गुजराती मिठाई परोसने में आसान है और सभी आयु वर्गों में पसंद की जाती है।
धीमी आंच पर पकी इसकी बनावट भारी हुए बिना भी खास महसूस कराती है। यह रोज़मर्रा और खास अवसरों दोनों के लिए उपयुक्त है।

 

 

श्रीखंड

श्रीखंड छाने हुए दही से बनी ठंडी गुजराती मिठाई है।
यह हल्की, ताज़गी देने वाली और बच्चों के अनुकूल होती है। इसकी चिकनी बनावट और हल्की मिठास इसे सालभर लोकप्रिय बनाए रखती है। 

यह भोजन या उत्सव की थाली के साथ आसानी से परोसी जाती है।

 

पियूष 

पियूष एक पारंपरिक गुजराती मीठा पेय है, जो छाछ, श्रीखंड और हल्के मसालों से बनाया जाता है।
इसकी बनावट मलाईदार और स्वाद मीठा-खट्टा होता है।
पियूष आमतौर पर त्योहारों, विवाह और विशेष पारिवारिक अवसरों पर तैयार किया जाता है।
इलायची और जायफल इसकी खुशबू और स्वाद को और निखारते हैं।
इसे ठंडा परोसा जाता है, जिससे यह भारी भोजन के बाद पाचन में सहायक होता है।
पियूष गुजराती उत्सव भोजन की शाही पहचान दर्शाता है।

 

2. आटा और घी से बनी पारंपरिक मिठाइयाँ  Flour & Ghee Based Traditional Mithai

 

यह श्रेणी गुजराती मिठाई परंपरा की रीढ़ मानी जाती है, जो अपने समृद्ध स्वाद और तृप्तिदायक बनावट के लिए जानी जाती है।

गेहूं का आटा या बेसन और भरपूर घी का उपयोग इन मिठाइयों में गहराई और सुगंध जोड़ता है। उच्च ऊर्जा प्रदान करने के कारण ये मिठाइयाँ त्योहारों, उपवास तोड़ने और विशेष पारिवारिक भोजन के लिए आदर्श मानी जाती हैं।

इनकी दानेदार बनावट लंबे समय तक संतोष देती है और घर के बने भोजन की सादगी को दर्शाती है।

 

मोहनथाल

मोहनथाल बेसन और घी से बनी एक प्रसिद्ध गुजराती मिठाई है।
यह दानेदार, समृद्ध और बेहद संतोषजनक होती है। यह मिठाई लंबे समय तक ऊर्जा देती है। इसे खासतौर पर त्योहारों और धार्मिक अनुष्ठानों में बनाया जाता है।

 

गोल पापड़ी

गोल पापड़ी गेहूं के आटे से बनी पारंपरिक गुजराती मिठाई है।
यह पोषक और आरामदायक होती है, जिसकी बनावट नरम लेकिन स्थिर रहती है। घी इसका स्वाद और गहराई बढ़ाता है। इसे अक्सर पारिवारिक अवसरों पर तैयार किया जाता है।

 

जलेबी 

जलेबी एक प्रसिद्ध भारतीय मिठाई है, जो अपने चमकीले रंग और घुमावदार आकार के लिए जानी जाती है।
इसे खमीर उठे घोल से बनाकर तलने के बाद चाशनी में डुबोया जाता है।
बाहर से कुरकुरी और अंदर से रसदार जलेबी का स्वाद बेहद लाजवाब होता है।
जलेबी को आमतौर पर गरमागरम परोसा जाता है।
यह त्योहारों, शादियों और खास मौकों पर बहुत लोकप्रिय होती है।
कई लोग जलेबी को दूध, दही या रबड़ी के साथ खाना पसंद करते हैं।

 

मावा जलेबी 

मावा जलेबी एक शाही और स्वादिष्ट भारतीय मिठाई है, जिसे मावा और मैदा से तैयार किया जाता है। इसकी बाहरी परत कुरकुरी होती है और अंदर से यह नरम व रसीली होती है। यह सामान्य जलेबी की तुलना में अधिक मोटी और समृद्ध होती है। चीनी की चाशनी में डूबे होने से इसका स्वाद बेहद खास लगता है। मावा जलेबी आमतौर पर त्योहारों और खास अवसरों पर बनाई जाती है। इसे गरमागरम परोसना सबसे अच्छा माना जाता है।

 

बेसन बर्फी

बेसन बर्फी बेसन से बनी घनी और चिकनी गुजराती मिठाई है।
यह समृद्ध स्वाद और त्वरित ऊर्जा प्रदान करती है। इसकी मिठास संतुलित और परिचित होती है। यह मिठाई के डिब्बों में एक लोकप्रिय विकल्प है।

 

 

3. गुड़ से बनी और क्षेत्रीय गुजराती मिठाइयाँ  Jaggery-Based & Regional Gujarati Sweets

 

इन मिठाइयों में गुड़ का उपयोग किया जाता है, जो इन्हें मिट्टी जैसा देसी स्वाद और गर्माहट देता है। ये मिठाइयाँ क्षेत्रीय परंपराओं, मौसमी खानपान और त्योहारों से गहराई से जुड़ी होती हैं। 

पोषण से भरपूर होने के कारण इन्हें खासतौर पर सर्दियों में पसंद किया जाता है। इनकी बनावट कहीं नरम और घनी होती है तो कहीं कुरकुरी, 

जिससे हर कौर में विविधता मिलती है। सरल विधि और प्राकृतिक मिठास इन्हें सभी आयु वर्गों के लिए उपयुक्त बनाती है।

 

मूंगफली की चिक्की 

मूंगफली की चिक्की एक पारंपरिक भारतीय मिठाई है, जिसे भुनी हुई मूंगफली और गुड़ से बनाया जाता है। इसकी बनावट कुरकुरी होती है और स्वाद में प्राकृतिक मिठास व नट्स का स्वाद होता है। यह गुड़ से बनी मिठाई खासतौर पर सर्दियों और मकर संक्रांति जैसे त्योहारों में लोकप्रिय है। मूंगफली की चिक्की ऊर्जा से भरपूर होती है और शरीर को गर्मी प्रदान करती है। इसे बनाना आसान होता है और यह लंबे समय तक खराब नहीं होती। यह मिठाई देसी और पारंपरिक स्वाद को दर्शाती है।

 

 

तिल के लड्डू 

तिल के लड्डू भुने हुए तिल और गुड़ से बनी पारंपरिक भारतीय मिठाई हैं। इन्हें खासतौर पर सर्दियों और मकर संक्रांति जैसे त्योहारों पर बनाया जाता है। 

ये लड्डू ऊर्जा से भरपूर और शरीर को गर्म रखने वाले होते हैं। इनका स्वाद हल्का नट्स जैसा और बनावट नरम-कुरकुरी होती है। यह मिठाई हर उम्र के लोगों को पसंद आती है।

 

 

मिक्स्ड तिल चिक्की

मिक्स्ड तिल चिक्की भुने हुए तिल, गुड़ और मिश्रित मेवों से बनी पारंपरिक भारतीय मिठाई है। इसमें कुरकुरापन और प्राकृतिक मिठास का सुंदर संतुलन होता है। यह गुड़ से बनी मिठाई सर्दियों में शरीर को गर्म रखने और ऊर्जा देने के लिए खास तौर पर पसंद की जाती है। विभिन्न बीज और मेवे इसकी बनावट और पोषण दोनों को बढ़ाते हैं। मिक्स्ड तिल चिक्की मकर संक्रांति जैसे त्योहारों पर बनाई जाती है और एक पौष्टिक मौसमी मिठाई मानी जाती है।

 

4. त्योहार और अवसर-विशेष गुजराती मिठाइयाँ  Festival & Occasion-Specific Gujarati Mithai]

 

गुजराती संस्कृति में इन मिठाइयों का विशेष स्थान है, क्योंकि ये परंपराओं, रस्मों और उत्सवों से जुड़ी होती हैं। 

इन्हें त्योहारों, विवाह, धार्मिक आयोजनों और जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों पर तैयार किया जाता है। ये मिठाइयाँ खुशी, समृद्धि 

और एकता का प्रतीक मानी जाती हैं। आम दिनों की मिठाइयों की तुलना में ये अधिक समृद्ध और विशेष होती हैं। इन्हें साझा करना पारिवारिक और सामाजिक रिश्तों को मजबूत करता है।

 

गुड़ मालपुआ 

गुड़ मालपुआ एक पारंपरिक भारतीय त्योहारों की मिठाई है, जिसे गेहूं के आटे और गुड़ से बनाया जाता है। अंदर से यह नरम और बाहर से हल्का कुरकुरा होता है। गुड़ इसकी मिठास को गहराई और देसी स्वाद देता है। इसे आमतौर पर त्योहारों और खास अवसरों पर बनाया जाता है। गुड़ मालपुआ गरमागरम परोसने पर सबसे स्वादिष्ट लगता है।

 

घुघरा

घुघरा एक उत्सवपूर्ण गुजराती मिठाई है, जिसकी बाहरी परत कुरकुरी होती है।
इसे आमतौर पर त्योहारों पर बनाया जाता है। इसका भरावन स्वादिष्ट और संतोषजनक होता है। 

यह परिवार और मेहमानों के साथ साझा करने के लिए आदर्श है।

 

मगस

मगस बेसन और घी से बनी एक समृद्ध त्योहारों की मिठाई है।
यह घनी, खुशबूदार और स्वाद में भरपूर होती है। इसकी बनावट साफ स्लाइस करने योग्य होती है। 

यह समृद्धि और उत्सव का प्रतीक है।

 

पेड़ा

पेड़ा एक प्रसिद्ध गुजराती मिठाई है, जिसे धार्मिक अवसरों पर परोसा जाता है।
इसकी बनावट नरम और हल्की दानेदार होती है। मिठास सौम्य और मनभावन रहती है। 

इसे सभाओं में आसानी से बांटा जा सकता है।

 

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)  

 

1. गुजराती मिठाई क्या होती है?
गुजराती मिठाई गुजरात की पारंपरिक मिठाइयों को कहा जाता है, जो संतुलित मिठास, सरल सामग्री और आरामदायक बनावट के लिए जानी जाती हैं।

 

2. गुजराती मिठाइयाँ अन्य भारतीय मिठाइयों से अलग क्यों होती हैं?
इनकी मिठास हल्की होती है और स्वाद में संतुलन पर अधिक ध्यान दिया जाता है, न कि केवल चीनी पर।

 

3. क्या गुजराती मिठाइयाँ रोज़ खाई जा सकती हैं?
हाँ, कई गुजराती मिठाइयाँ हल्की और पौष्टिक होती हैं, जिन्हें सीमित मात्रा में रोज़ खाया जा सकता है।

 

4. किन अवसरों पर गुजराती मिठाइयाँ बनाई जाती हैं?
त्योहार, विवाह, धार्मिक समारोह और पारिवारिक उत्सवों में गुजराती मिठाइयाँ अनिवार्य होती हैं।

 

5. क्या गुजराती मिठाइयों में हेल्दी विकल्प होते हैं?
पारंपरिक रूप से इनमें गुड़, अनाज और घी का उपयोग होता है, जो पोषण और ऊर्जा प्रदान करते हैं।

 

6. गुजराती मिठाई सांस्कृतिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है?
ये मिठाइयाँ विरासत, एकता और परंपरा का प्रतीक हैं और पीढ़ियों को जोड़ती हैं।

 

 

निष्कर्ष: गुजराती मिठाई  Conclusion: Gujarati Sweet Mithai

गुजराती मिठाई गुजराती संस्कृति की आत्मा को दर्शाती है, जहाँ भोजन परंपरा, भावना और उत्सव से जुड़ा होता है। संतुलित मिठास और प्राकृतिक सामग्री के कारण ये मिठाइयाँ कभी बोझिल नहीं लगतीं। 

रोज़मर्रा से लेकर भव्य त्योहारों तक, गुजराती मिठाइयाँ हर अवसर में सहज रूप से फिट बैठती हैं। अपनी गहरी सांस्कृतिक जड़ों और कालजयी आकर्षण के कारण, गुजराती मिठाई आज भी पीढ़ियों को जोड़ने वाली मिठास बनी हुई है।

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24 January, 2025

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