तेल ( Oil )
तेल ( Oil ) Glossary | Recipes with तेल ( Oil ) | Tarladalal.com
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वर्णन
खाने का तेल साफ किया हुआ वनस्पति या पशु स्तोत्र से मिलता है, जो सामान्य तापमान पर तरल होता है। विभिन्न प्रकार के खाने के वनस्पति तेल मिलते है, जैसे जैतून का तेल, ताड़ का तेल, सोयाबीन का तेल, कनोला का तेल, पम्पकिन बीज का तेल, कॉर्न तेल, सनफ्लावर का तेल, सैफ्लावर का तेल, मूँगफली का तेल, अंगुर के बीज का तेल, तिल का तेल और राईस ब्रैन तेल। खाना पकाने के लिये और भी अन्य प्रकार के तेल का प्रयोग किया जाता है।

चुनने का सुझाव
• तेल के विभिन्न प्रकार, अलग-अलग ब्रैंड और भिन्न प्रकार के पैकेट के आकार बाज़ार मे सालभर मिलते है।
• तेज़ रोशनी और सूर्य कि किरणों से तेल आसानी से खराब हो सकता है, इसलिये ज़रुरत अनुसार मात्रा मे तेल खरीदें।
• गहरे रंग की बोतल मे मिलने वाले तेल को चुने क्योंकि इस प्रकार कि पैकिंग तेल को सूर्य कि रोशनी से ऑक्सीडाईस होने से बचा सकती है।
• साथ ही इस बात पर ध्यान दें कि तेल ठइडी जगह पर रखा हो और गरमाहट से दुर रखा हो।

रसोई मे उपयोग
• तेल खाना बनाने के लिये आधारीय सामग्री है, जिसका भूनने, तलने, तड़का लगाने और साथ ही सलाद कि ड्रैसिंग बनाने के लिये प्रयोग किया जाता है।
• यह खाना बनाने के माध्यम के रुप मे काम करता है और खाने का रुप बढ़ाने के साथ-साथ स्वाद भी बढ़ाने मे मदद करता है।
• कभी-कभी तेल मे कुछ हर्ब और कालीमिर्च डालकर तेल मे सुगंध और हल्का सवाद प्रदान किया जाता है।
• तेल मे खाना तलने के समय इस बात का ध्यान देना ज़रुरी है कि तेल सही तापमान पर रखा जाये। ागर तेल बहुत ज़्यादा गरम होगा तो खाने के पकने से पुर्व ही खाने कि उपरी परत जल सकती है। तेल को जितने लंबे समय तक गरम किया जाता है, उतनी ही जल्दि वह खराब हो जाता है। तेल को ज़रुरत से ज़्यादा पुनः गरम ना करें। अगर आप खाना थोड़ी-थोड़ी मात्रा मे बना रहे है, तो पहले बैच को तलने के बाद, दुसरा बैच जल्द से जल्द तलें। आखरी बैच तलने के बाद, तुरंत ही आँच से हठा दें और ठंडा करें। पुरी तरह ठंडा करने के बाद, तेल को पेपर टॉवल, कॉफी फिल्टर या सूती के कपड़े का प्रयोग कर छान लें। ताज़े तेल के साथ ना मिलायें।

संग्रह करने के तरीके
• चाहे परीष्कृत तेल हो या अपरीष्कृत, सभी प्रकार के तेल गर्माहट, रोशनी और ऑक्सिजन से सूक्ष्म होते है। खराब तेल से बुरी गंध आती है और स्वाद खट्टा हो जाता है और आहार तत्व भी कम हो जाते है। इसलिये, तेल को सूखी और ठंडी जगह पर रखें।
• तेल गाढ़ा हो सकता है, लेकिन सामान्य तापमान पर रखने पर तेल फिर से तरल हो जाता है।
• तेज़ आँच पर पकाने से तेल का रंग गहरा हो सकता है।
• अगर तेल मे खराब होने जैसी सुगंध आने लगे या उससे बने खाने से इस प्रकार कि गंध आये, तो इस तरह के तेल को तुरंत फेंक दें।

स्वास्थ्य विषयक
• नियंत्रित मात्रा मे तेल का सेवन लाभदायक होता है।
• लेकिन अत्यधिक मात्रा मे तेल का सेवन करने से सेहत के लिये हानिकारक होता है और थकान, आलस, वजन बढ़ना, हृदय रोग आदि जैसी बिमारीयाँ होती है।

चिली ऑइल (chilli oil)



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