ब्राउन राईस ( Brown rice )
Last Updated : Aug 01,2019


ब्राउन राईस के फायदे, ग्लॉसरी, की रेसिपी + का उपयोग, Brown Rice in Hindi
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वर्णन
ब्राउन राईस बिना छिल्के निकाला हुआ या थोड़ी मात्रा मे छिल्के निकाला हुआ चावल होता है, जिसमे से केवल उपरी परत निकाली जाती है जिसे हस्क कहा जाता है। ब्राउन राईस प्राकृतिक, बिना ब्लीच किया हुआ चावल होता है जिसमे ज़्यादा पौष्टिक तत्व होते है। इसका स्वाद हल्का मेवेदार होता है और पाकने से पहले भी इसका रंग भूरा होता है।

हालाँकि पहले इस चावल को निर्धन का खाना माना जाता था, लेकिन आज ब्राउन राईस कि पौष्टिक त्तवों कि वजह से सफद चावल से ज़्यादा किमती माना जाता है। काफी स्वास्थ्य के प्रति सचेक व्यक्तियों ने इसे अपने आहार का भाग बना लिया है, क्योंकि यह सफेद चावल के काफी मिलता-जुलता है। लेकिन फिर भी ब्राउन राईस मे अनेक पौष्टिक गुण होने के बाद भी, इसकि खपत कम है क्योंकि इसे सफेद चावल कि तुलना मे पकने मे लंबा समय लगता है और इसका स्वाद और रुप नापसंद किया जाता है। साथ ही, एक बार चावल कि उपरी परत निकालने पर, ब्रैन खराब होने लगता है जिससे चावल का स्वाद कड़वा होने लगता है। इसी वजह से, ब्राउन राइस सफेद चावल कि तुलना लंबे समय तक संग्रह नही किया जा सकता है।

लेकिन ब्राउन राइस को अपने आहार का मुख्य भाग बनाना चाहिए क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिये लाभदायक होता है।

भिगोया और पकाया हुआ ब्राउन राईस (soaked and cooked brown rice)
साफ ब्राउन राइस को थोड़े समय के लिये भिगो दे, पानी छान लें और सूखे चावल का 2½ to 3 गुना पानी मिलाकर प्रैसर कुक कर लें। अगर पैन मे बना रहे है तो, 5-6 गुना पानी मिलाकर पकायें और चावल पकने के बाद, सारा पानी छान लें और बड़ी प्लेट मे डालकर ठंडा कर व्यचजन अनुसार प्रयोग करें। ब्राउन राईस को पकने मे ज़्यादा समय लगता है। इसे पकाने का समय 35-45 मिनट हो सकता है।
भिगोया हुआ ब्राउन राईस (soaked brown rice)
नरम चावल के दाने और चावल के पकाने का समय कम करने के लिये, ब्राउन राईस को पकाने से पहले भिगोना ज़रुरी होता है। पहले चावल साफ कर लें और 2-3 बार पानी बदलकर धो ले। धोने पर साफ पानी निकलने पर चावल धोना बंद कर सकते है। इसे बाद, प्रत्येक एक कप चावल के लिये, 2-3 कप ताज़ा पानी मिलाकर चावल को एक या दो घंटे के लिये भिगो दें। पानी छानकर ज़रुरत अनुसार प्रयोग करें।
अनपोलिश्ड़ ब्राउन राईस (unpolished brown rice)

चुनने का सुझाव
• भरोसेमंद स्तोत्र से ब्राउन राईस खरीदें और पैकिंग के सील कि जाँच कर लें।
• पैकिंग कि दिनाँक जाँच लें।
• अगर खुला चावल खरीद रहे है, तो चावल मे किसी भी प्रकार कि गंध कि जाँच कर लें और धुल, कंकड़ आदि कि जाँच कर लें।
• यह लंबे, मध्य और छोटे दानो के विकल्प मे उपलब्ध होता है। ज़रुरत अनुसार चुनें।
• ब्राइस राईस को लबे समय तक संग्रह नही किया जा सकता है, इसलिये ज़रुरत अनुसार छोटे पैकेट खरीदें।

रसोई मे उपयोग
• सफेद चावल का प्रयोग होने वाले किसी भी व्यंजन मे इसका प्रयोग करें। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि इसका स्वाद और रुप अलग हो सकता है और इसे पकाने का समय भी अलग होता है। लेकिन इसके पौष्टिक गुणों कि वजह से इतनी मेहनत करना योग्य है।
• सफेद चावल कि तुलना मे ब्राउन राईस को पकने मे ज़्यादा समय लगता है (लगभग 45 मिनट और सफेद चावल को 15 से 20 मिनट)। लेकिन, आप इस चावल को पहले से पकाकर रख सकते है और विभिन्न प्रकार के व्यंजन मे इसका प्रयोग कर सकते है।
• यह खास रुप से सलाद,भरचां मिश्रण, स्ट्यू और सब्ज़ी आधारित व्यचजनो मे अच्छा लगता है।
• अपने पसंद कि पुडिंग बनाते समय, सफेद चावल को इस चावल से बदलकर बनायें।
• स्वादिष्ट ताबुलेह मे, दलिया कि जगह ब्राउन राईस का प्रयोग करें।
• सलाद के पत्ते, टमाटर, जैतून और खट्टे विनैग्रैट ड्रैसिंग मे मिलाकर ताज़ा सलाद बनायें जो वजन के प्रति सचेक के लिये लाभदायक होता है।
• रिसोटो बनाने मे भी आप ब्राउन राईस का प्रयोग कर सकते हैं।
• ब्राउन राईस, चीज़ और सुगंधित हर्ब मिलाकर स्वादिष्ट कैसेरोल बनायें।
• पके हुए ब्राउन राईस को आटे, छाछ और हर्ब के साथ मिलाकर करारे और पौष्टिक पैनकेक बनाते जा सकते है।

संग्रह करने के तरीके
• हवा बंद डब्बे मे रखकर ठंडी, सूखी जगह पर रखकर नमी से दूर रखें।
• इस प्रकार रखने पर इस चावल को छह माह तक रखा जा सकता है।
• ब्राउन राईस को फ्रीज़ कर ज़रुरत अनुसार प्रयोग करना अच्छा सुझाव है, क्योंकि ब्राउन राईस जल्दी खराब हो जाता है।

स्वास्थ्य विषयक
• ब्राउन राईस मे मैग्निशियम होता है, एक कप पके हुए लंबे ब्राउन राईस मे 84 मिलीग्राम मैग्निशियम होता है, वहीं एक कप सफेद चावल मे 19 मिलीग्राम। इसलिये यह सफेद चावल से ज़्यादा पौष्टिक होता है।
• ब्राउन राईस मे प्रस्तुत प्रोटीन मे ज़रुरी अमिनो एसिड मे से एक संपूर्ण अमिनो एसिड होता है।
• ब्राउन राईस के ब्रेन कि परत मे पचने लायक रेशांक होते है, जो सफेद चावल मे नही पाये जाते। इसलिये यह सफेद चावल कि तुलना मे पचाने मे आसान होते है और इसे खाने से अपच भी नही होता।
• राईस ब्रन का तेल ज़रुरी पौषन तत्वों का अच्छा स्तोत्र होता है, जैसे विटामीन ई, थायामिन, नायासिन, विटामीन बी1, बी3, बी6, फोलासीन, पौटॅशियम्, मैग्निशियम् और लौह।
• खोज यह बताती है कि जो महीलायें ब्राउन राईस का सेवन करती है, उनका वजन बढ़ता नही है।
• ब्राउन राईस मे सैलेनियम होता है जो कोलोन कैंसर का खतरा कम करने मे मदद करता है और साथ ही पोस्ट मैनोपोसल महीलाओं मे हृदय रोग कि आशंका कम करता है।
• यह रेशांक का अच्छा सतोत्र है जो उच्च कलेस्ट्रॉल को कम करता है और अथेरोस्क्लेरोसिस और स्तन कैंसर से बचने मे मदद करता है।
• विशेषज्ञों कि जाँच यह बताती है कि अघुलनशील रेशांक वाले खाद्य पदार्थ खाने से, जैसे ब्राउन राईस, महीलाओं मे पित्त पथरी होने कि आशंका कम हो जाती है।
• यह मशुमेह से भी बचाता है और सभी के स्वास्थ्य के लिये लाभदायक होता है।





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