उसना चावल ( Par-boiled rice )
Last Updated : Dec 03,2019


उसना चावल क्या है, इसका उपयोग,स्वास्थ्य के लिए लाभ, रेसिपी, in Hindi
Viewed 26450 times

वर्णन उसना  चावल वह है जिसे भूसे के अंदर ही उबाला गया है। उसनाने से चावल को इसे हाथों से तैयार करना आसान हो जाता है, इसकी पौष्टिक्ता बढ़ाता है और साथ ही इसका रुप बदल देता है। चावल को उसनाने से थायामिन जैसे आहार तत्व ब्रेन से धअन तक बाहर आ जाते हैं, जिससे उसना सफेद चावल की पौष्टिक्ता भुरे चावल जैसे होता है। इस कारण से, पुर्व 20वी सदी में उसनाने की प्रक्रीया उत्तर अमरीकन चावल के उत्पादक द्वारा अपनायी गई थी। उसनाने की प्रक्रीया अपने आप में ही 2000 साल से पुरानी है, जो पर्शियन गल्फ में उत्तपन्न हुई थी।

उसना चावल का स्टार्च जिलेटिन में बदल जाता है, जो इसे कड़ा और अन्य चावल की तुलना में पार्दर्शी बनाता है। उसना चावल को पकने में कम समय लगता है और पका हुआ चावल ज़्यादा कड़ा और चिपचिपा होता है। भारत में, उसना चावल दक्षिणी प्रांत में अधिक्तर पाया जाता है। इसका प्रयोग इडली और डोसा, साथ ही बच्चों और व्यसक् के लिए कान्जी बनाने में किया जाता है, कयोंकि यह आम कच्चे चावल की तुलना में पचाने में आसान होता है।

चुनने का सुझाव
• उसना चावल पहले से पैक या थोक में भी मिलाते हैं।
• पहले से पैक किये हुए चावल खरीदने से पहले, समापन के दिनांक की जांच ज़रुर करें, क्योंकि चावल के प्राकृतिक तेल की वजह से वह लंबे समय तक रखने से आसानी से खराब हो सकते हैं।
• थोक में किसी भी अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय, इस बता का ध्यान रखें कि जिस बर्तन में चावल रखें हो, वह साफ और ढ़का हुआ हो और दुकान की बिकरी भी ज़्यादा हो जिससे ताज़े चावल मिलने की संभावना हो।
• चाहे थोक में खरीदें या पैकेट में, इस बात का ध्यान रखें कि चावल नमी और कंकड़ से मुक्त हो।

रसोई में उपयोग
• उसना चावल की खास बात यह है कि आप इससे अपनी पसंद अनुसार दोनों तीखे और सादे व्यंजन बना सकते हैं, बिना स्वाद को बदले।
• चावल के दानों को टुटने से बचाने के लिए, इस चावल को हमेशा दोनो हथेली के बीच में रखकर, गोल घुमाते हुए धोयें और ना ही एक हाथ से क्योंकी एैसा करने से चावल के दाने टूट सकते हैं।
• भिगोने के बाद कभी भी चावल ना धोयें। अच्छी तरह धोकर उसके बाद ही चावल को भिगोयें; भिगोने के लिए, 30 से 45 मिनट काफी होते हैं।
• आप इस चावल से स्वादिष्ट खिचड़ी भि बना सकते हैं। उसना चावल, दाल, मसाले कप प्रैशर कुकर में डालकर सभी के पकने तक पका लें। इसका प्रयोग कर बेहद, स्वादिष्ट और आसानी से बनने वाली खिचड़ी बनाई जा सकती है, जिसे पापड़ या ककड़ी के रायते के साथ परोसा जा सकता है। दक्षिण भारत में, इसे वेन पोंगल कहा जाता है और अक्सर नारीयल की चटनी और साम्भर के साथ परोसा जाता है।

संग्रह करने के तरीके
• क्योंकि चावल में अभी भी वसा की मात्रा होती है, इसके खराब होने की ज़्यादा आशंका होती है। इसलिए, कोशिश के केवल महीने भर के लिए या ज़रुरत अनुसार उसना चावल खरीदें और उनके ताज़ा होने तक प्रयोग कर लें। लेकिन फिर भी यह इतनी जल्दी भी खराब नहीं होता है, इसलिए, इसे सूखे हवा बंद डब्बे में रखकर और सूर्य की किरणौं से दुर रखकर कुछ महीनों तक रखा जा सकता है।
• पके हुए चावल को फ्रिज में रखकर 3 से 4 दिनों के लिए रख जा सकता है।

स्वास्थ्य विषयक
• उसना चावल सफेद चावल से बेहतर होता है, क्योंकी इसे बनाने की प्रक्रीया से स्टार्च को पहले से ही स्थिर किया जाता है।
• मात्रा अनुसार उसनाने से (उदाहरण के तौर पर 1 कप), में कैलरी की मात्रा कम होती है, क्योंकि उसना चावल हल्का फूला हुआ होता है और अपने आकार के अनुसार इसका वजन कम होता है।
• बच्चों में दस्त टीक करने के लिए, यह चावल बेहतरीन होता है।
• इसमें रेशांक की मात्रा कम होने के कारण यह पचाने में आसान होता है।




Subscribe to the free food mailer

Hyderabadi Recipes

Missed out on our mailers?
Our mailers are now online!

View Mailer Archive

Privacy Policy: We never give away your email

REGISTER NOW If you are a new user.
Or Sign In here, if you are an existing member.

Login Name
Password

Forgot Login / Passowrd?Click here

If your Gmail or Facebook email id is registered with Tarladalal.com, the accounts will be merged. If the respective id is not registered, a new Tarladalal.com account will be created.

Are you sure you want to delete this review ?

Click OK to sign out from tarladalal.
For security reasons (specially on shared computers), proceed to Google and sign out from your Google account.

Reviews