गुड़ ( Jaggery )
गुड़ ग्लॉसरी |गुड़ की रेसिपी( Glossary & Recipes with Jaggery in Hindi) Tarladalal.com
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वर्णन
गुड़ा पारंपरिक रुप से अपरिष्कृत, बिना अपकेंद्रिय शक्कर है जिसका उशिया मे प्रयोग किया जाता है। यह गन्ने के रस से बना एक संकेद्रित पदार्थ है, जहाँ गुड़रस और कण को अलग नह किया जाता। इसका रंग सुनहरा भूरे रंग से लेकर गहरे भूरे रंग तक होता है। इसमे लगभग ५०% सुक्रोस, २०% तक नमी और बचे हुए अविलेय पदार्थ जैसे राख, प्रोटीन और खोई रेशांक प्रस्तुत होते है।

कभी-कभी गुड़ पिण्डखजूर के रस से बनाया जाता है। यह महँगा होता है और इसके उत्तपादन के श्रेत्र मे आसानी से मिलता है। दक्षीण भारत और श्रीलंका में साबुदाने के वृक्ष और नारयल के वृक्ष भी आजकल गुड़ बनाया जाता है।

चुनने का सुझाव
• वर्तमान काल में भारत मे गुड़ बनाने का कसी भी प्रकार के प्रमाणिक तरीके अनिवार्य नही है। हाईड्रोसलफेट जैसे रसायन, सिंनथेटिक रंग और योगात्मक पदार्थ भी मिलाये जा सकते है।
• जानी पहचानी जगह से गुड़ खरीदना अच्छा होता है।
• गुड़ दिखने मे साफ, चमकीला और इसकि सुगंध मिठी होनी चाहिए।
• अगर वह बहुत ज़्यादा सूखा और बारीक हो, जिसका चमकीला सुनहरा रंग हो, तो इसमे रसायन पदार्थ प्रस्तुत हो सकते है। इसलिये थोड़ा चिपचिपा और गहरे रंग वाला गुड़ चुने।

रसोई मे उपयोग
• महाराष्ट्र मे काफि सब्ज़ी आधार करी और दाल में गुड़ मिलाया जाता है।
• मकर सन्क्रांत (पोन्गल) में पुरे भारत मे गुड़ का प्रयोग किया जाता है। महाराष्ट्र मे तिलगुल जैसी मिठाई बनाने मे और तामिलनाडू मे मिठा पोंगल (चक्रपोंगल), पायसम (खीर) आदि बनाने में प्रयोग किया जाता है। किसी ना किसी प्रकार मे इसका त्यौहारों मे बने व्यंजनों मे प्रयोग किया जाता है।
• महाराष्ट्र के ग्रामीण श्रेत्र में, धुप मे काम कर आने के बाद, पानी मे गुड़ मिलाकर दिया जाता है।
• गुड़ बनाने कि विधी से उत्तपन्न हुआ एक पदार्थ जिसे काक्वी कहते हैं, माहाराष्ट्र में खाने को मीठा बनाने के लिये प्रयोग किया जाता है।
• गुड़ मिठाई के रुप मे खाया जाता है और काफी मिठाई मे यह मलाया जाता है, जैसे गुड़ का चावल, जो एक पारंपरिक राजस्थानी व्यंजन है।
• रसम, साम्भर और अन्य ग्रेवी जैसे तीखे व्यंजन का स्वाद निखारने के लिये, चुटकी-भर गुड़ मिलाया जाता है।
• दाल सूप के तीखे, चटपटे नमकीन स्वाद को संतुलित करने के लिये भी गुड़ मिलाया जाता है, खासतौर पर गुजराती पाकशैली में।
• गुड़, दूध, नारियल और काजू जैसे मेवे मिलाकर मिठाई बनय जाती है।

संग्रह करने के तरीके
• हवा बंद डब्बे मे रखकर ठंडी और सूखी जगह पर रखें।

स्वास्थ्य विषयक
• गुड़ लौहतत्व का संकेद्रित स्तोत्र होता है।
• बहुत से मिनरल नमक पदार्थ जो अक्कर मे नही पाये जाते, यह गुड़ में पाये जाते हैं।
• भारतीय आयूर्वेदिक दवाई मे गुड़ को स्वास्थ्य के लिये संपूर्ण माना जाता है।
• आयुर्वेद मे गुड़ को गले औे फेफड़ो के लिये भी लाभदायक माना जाता है।

कटा हुआ गुड़ (chopped jaggery)
गुड़ के बड़े टुकड़े को काटने के बोर्ड मे रखकर व्यंजन अनुसार बारीक या बड़े टुकडो मे का; लें।
कसा हुआ गुड़ (grated jaggery)
गुड़ के बड़े टुकड़े को कद्दूकस का प्रयोग कर, व्यंजन अनुसार मोटा या पतला कस लें।



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