चना दाल ( Chana dal )
Last Updated : May 25,2020


चना दाल क्या है ? ग्लॉसरी, इसका उपयोग,स्वास्थ्य के लिए लाभ, रेसिपी | chana dal in hindi
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चना दाल क्या है?


चना दाल छोटे चने होते है जिन्हे आधा टोड़कर पौलिश किया जाता है। यह दिखने और स्वाद मे मकई के दाने जैसे होते है और यह भारतीय पाकशैली कि मशहुर सामग्री मे से एक है।
चना दाल स्वादिष्ट, पौष्टिक और पचाने मे आसान होती है। सूप, सलाद, करी, दाल आधारित व्यंजन, नमकीन व्यंजन, मीठे और चावल संबंधित व्यंजन मे प्रयोग होने के साथ-साथ, इन्हे भूनकर आटे मे भी पिसा जाता है (बेसन), जो एक औेर एैसी सामग्री है जिसका प्रयोग संपूर्ण भारत मे किया जाता है।

भूना हुआ चना दाल का पाउडर (roasted and powdered chana dal)
भिगोई और पकाई हुई चना दाल (soaked and cooked chana dal)
चना दाल को साफ कर किसी भी प्रकार कि धुल, पत्थर या कंकड़ निकाल लें। चना दाल को भिगोने के लिये, पहले दो से तीन बार पानी से धो लें और गुनगुने पानी मे भिगो दें। सारा पानी छानकर बर्तन भर पानी मे उबालकर पका लें या प्रैशर कुक कर लें।
भिगोई और आधी उबली हुई चना दाल (soaked and parboiled chana dal)
भिगोई हुई चना दाल (soaked chana dal)
चना दाल को साफ कर किसी भी प्रकार कि धुल, पत्थर या कंकड़ निकाल लें। चना दाल को भिगोने के लिये, पहले दो से तीन बार पानी से धो लें और गुनगुने पानी मे भिगो दें। भिगोने से चना दाल नरम हो जाती है औे पकने मे कम समय लेती है, जिससे समय और ऊर्जा बचते है। भिगोई हुई दाल का प्रयोग सलाद, करी या अन्य व्यंजन बनाने मे किया जा सकता है।

चना दाल चुनने का सुझाव (suggestions to choose chana dal)
• सूखी चना दाल साल में बाज़ार मे मिलती है और इसका संग्रहण आसान होता है।
• पैकेट वाली दाल खरीदने पर पैकेट कि सील और पैक करने कि दिनाँक जाँच लें। भरोसेमंद दुकान से ही खरीदें कयोंकि आप पैकेट खोलकर जाँच नही कर सकते है।
• थोक मे खरिदते समय इस बात का ध्यान रखें कि बिन मे रखी दाल खुली ना हो जिससे दाल मे धुल ल या किड़े लग सकते है।
• इस बात का ध्यान रखें कि दाल मे किसी भी प्रकार के धब्बे ना हो और दाल नमी, किड़े और कंकड़ से मुक्त हो।

चना दाल के उपयोग रसोई में (uses of chana dal in cooking )

चना दाल का उपयोग कर स्नैक रेसिपी | snack recipes using chana dal |

1. कलमी वड़ा : ठंड के दिनों में चाय के साथ परोसने के लिए एक पर्याप्त व्यंजन, इस राजस्थानी व्यंजन को बनाना बेहद आसान भी है। दरदरी पीसी हुई चना की दाल के पेस्ट से बने हुए घोल को हरी मिर्च, प्याज़. खड़ा धनिया आदि के स्वाद से भरा गया है।

2. कैबेज वड़ा : आपको यह गरमा गरम तले हुए वड़े बेगद पसंद आयेंगे जिन्हें पिसी हुई दाल और कटी हुई पत्तागोभी को गाजर, हरी मिर्च और धनिया के साथ मिलाकर बनाया गया है। कैबेज वड़ा आपके बच्चों के लिये स्कूल के नाश्ते का या बड़े के लिये शाम कि चाय के नाश्ते के लिये एक बेहतरीन सुझाव बनाता है।

चना दाल का उपयोग कर दाल रेसिपी | dal recipes using chana dal |

1. चार दाल का दालचा : इस चार दाल का दलचा में चार दाल का संयोजन विविध सामग्री के साथ किया गया है जो सभी को निश्चित ही पसंद आएगा।

2. ग्रीन मूंग दाल रेसिपी : यह एक पौष्टिक व्यंजन है, जो राजस्थान के विशेष जायके को प्रदर्शित करता है। यह चार दालों को मिलाकर पारंपरिक मसाले, अदरक और मिर्ची के तीखे स्वाद के साथ खट्टेपन के लिए एक बूंद निम्बू का रस डाल कर बनाई गई है।

भारतीय मिठाइयों में चना दाल का उपयोग | chana dal used in Indian desserts |

1. चना दाल का हलवा एक लोकप्रिय भारतीय मिठाई है जो उत्सव के दौरान बनाई जाती है। भारतीय त्योहारों के दौरान दीवाली, बैसाखी और होली पर चना दाल का हलवा बनाया जाता है।



• यह एक एैसी दाल है जिसका प्रयोग भारतीय रसोई मे अक्सर किया जाता है।
• इसकि खुशबु बेहतरीन होती है साथ ही लालजवाब स्वाद।
• चावल और रोटी के साथ परोसने पर, यह दाल संपूर्ण प्रोटीन के लिये ज़रुरी अमिनो एसिड प्रदान करती है।
• इस दाल को जल्दी पकाने के लिये इसे रातभर या कम से कम 2-3 घंटो के लिये भिगोना ज़रुरी होता है।
• अगर आपको कच्ची सब्ज़ीयाँ पसंद ना हो, तो उन्हे चना दाल के साथ पकाकर बनायें।
• चना दाल को दरदरा पीस कर ढ़िकला या हाँडवा बनाने मे प्रयोग करें जिससे उनको करारापन मिलता है और पौष्टिक्ता भी बढ़ती है।
• चना दाल को अक्सर सब्ज़ीयों के साथ स्ट्यू किया जाता है, खासतौर पर लौकी और स्क्वाश के साथ।
• पालक और लौकी के साथ चना दाल मशहुर मेल है।

संग्रह करने के तरीके
• सूखी चना दाल को साफ हवा बंद डब्बे मे रखकर गहरे रंग कि ठंडी जगह पर रखकर साल भर रखा जा सकता है।
• पकाने के बाद, दाल को फ्रिज मे एक दिन तक रखा जा सकता है। इसका जल्द से जल्द प्रयोग करना अच्छा होता है।

चना दाल के फायदे, स्वास्थ्य विषयक (benefits of chana dal
चना दाल (स्प्लिट बिंगल चना, beneftis of chana dal, split bengal gram in hindi): पका हुआ चना दाल का एक कप दिन के लिए आपके प्रोटीन का 33% प्रदान करता है। चना दाल दिल और मधुमेह के अनुकूल हैफाइबर में भी समृद्ध है। चना दाल में पोटेशियम की उच्च मात्रा और सोडियम की कम मात्रा होती है जो आपके रक्तचाप को नियंत्रित करने में बहुत प्रभावी बनाता है। चना दाल के संपूर्ण लाभों पर यह लेख पढ़ें।


चना दाल मे रेशांक कि मात्रा अधिक होती है और यह कलेस्ट्रॉल कम करने मे मदद करता है।
• इसका बेहतरीन स्वाद के साथ-साथ इसका ग्लाईसमिक इंडेक्स् भी कम होता है जो मधुमेह से पिड़ीत के लिये लाभदायक होता है।
• चना दाल ज़िन्क, फोलेट, कॅल्शियम् और प्रोटीन का अच्छा स्तोत्र है।
• इसमे वसा कि मात्रा कम होती है और अधिक्तर पौलीअनसैच्यूरेटड वसा होता है।




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