दलीया ( Broken wheat )
Last Updated : Jan 13,2020


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अन्य नाम
फाड़ा, लापसी

वर्णन
कच्चे गेहूँ को टुकड़ो मे काटकर दलीया बनाया जाता है। गेहूँ को साफ कर, छिलका निकालकर ज़रुरत अनुसार आकार मे काटा जाता है। यज बेहद पौष्टिक होता है क्योंकि इसे छाना नही जाता है। दलीया बहुउपयोगी खाद्य पदार्थ है। दलीया को पकाने पर इसका स्वाद मिट्टी जैसा और सौम्य होता है और सौम्य सुगंध और इसमे दरदरापन होता है। यह हल्का मेवेदार और चबाने योग्य होता है।

गेहूँ को टोड़कर बी दलीया बनाया जा सकता है। गेहूँ को टोड़ने से पहले स्टीम किया जाता है, जिससे इसका स्वाद मेवेदार और स्वादिष्ट बन जाता है। दलीया पकने मे कम समय लेता है, कयोंकि यह आधा पका हुआ गेहूँ होता है।

दलीया के दरदरा, मध्य या बारीक विकल्प होते है।

मोटा दलीया (Large-sized broken wheat)
मोटा दलीया ठोस होता है। इसका प्रयोग अनज के रुप में या कैसेरोल, सलाद और भरबां मिश्रण के रुप मे किया जाता है। इसका स्वाद बढ़ाने के लिये और पकाने का समय कम करने के लिये इसे भून कर रखें।

मध्य दलीया (Medium-sized variety)
इसका प्रयोग अक्सर उपमा या मनकीन दलीया बनाने के लिये किया जाता है।

बारीक दलीया (Fine-sized broken wheat
दलीया बारीक दलीया ठोस और करारा होता है। इसका प्रयोग अक्सर दलीये कि खीर या दूध के साथ मीठा लापसी बनाने के लोये किया जाता है।

पका हुआ दलीया (cooked broken wheat (dalia))
दलीया पकाने के लिये, सबसे पहले सलीया को साफ कर पानी से अच्छी तरह धो लें। सारा पानी छानकर 20-30 मिनट के लिये पानी मे भिगो दें। एक गहरे पॅन में, पानी और नमक से साथ भिगोया हुआ दलीया डालें। दलीया पुरी तरह पानी से ढ़क जाये, उतना पानी मिलायें। मध्यम आँच पर उबालकर, धिमी आँच पर पकयें और बीच-बीच मे चम्मच से हिलाते रहें। दलीया नरम और पक जाने तक पकायें। बचा हुआ पानी छानकर (अगर पानी बच हया हो) ज़रुरत अनुसार प्रयोग करें।

चुनने का सुझाव
• खरीदने से पहले लेबल अच्छी तरह पढ़ लें और समापन कि दिनाँक जाँच कर लें।
• दलीया साफ, समान आकार का और किसी भी प्रकार के पत्थर, कंकड़ या धुल से मुक्त होना चाहिए।

रसोई मे उपयोग
• इसका प्रयोग अक्सर सूप बनाने मे और सब्ज़ीयों के भरवां मिश्रण के रुप मे किया जाता है।
• इसे अक्सर सब्ज़ी या माँस के साथ मुख्य भोजन के रुप मे परोसा जाता है।
• इसका प्रयोग पुलाव, मल्टी ग्रैन ब्रैड और पॅनकेक बनाने मे किया जा सकता है।
• मध्य पूर्वी पाकशैली मे, मशहुर ताबुलेह सलाद दलीया से बनाया जाता है।
• भारत मे दलीया का प्रयोग कर विभिन्न प्रकार के खीर और लापसी जैसे मीठो व्यंजन बनाये जाते है।
• दक्षिण भारत में, त्यौहारों मे दलीये कि खीर नारियल के दूध और गुढ़ से बनायी जाती है।
• दलीये का उपमा भारत का एक और मशहुर नाश्ता है। इस नमकीन व्यंजन को सूजी के उपमा कि तरह, सब्ज़ीयों के साथ बनाया जाता है।
• इसे नरम चावल कि तरह भी बनाया जा सकता है, जहाँ इसे दाल, सब्ज़ी, मूँगफली और इमली के गुदे या नींबू के रस के साथ मिलाकर बनाया जाता है।

संग्रह करने के तरीके
• दलीया को हवा बंद डब्बे मे रखकर साफ, ठंडी और सूखी जगह पर रखना चाहिए।

स्वास्थ्य विषयक
• क्योंकि दलीया गेहूँ से बनता है, इसमे रेशांक के साथ-साथ भरपूर पौषण तत्व होते है, क्योंकि इसमे गेहूँ कि उपरी परत और अंकुर भी होते है।
• इस वजह से यह अक्सर पौष्टिक आहार का भाग बनता है।
• यह लौह, मैग्निशियम् और फोसफोरस का भी अच्छा स्तोत्र है।
• दलीया चावल कि तुलना मे ज़्यादा पौष्टिक होता है, क्योंकि इसमे अधिक मात्रा मे रेशांक, विटामीन और मिनरल होते है और इसका ग्लाईसमिक इंडेक्स भी सफेद चावल या मैदा कि तुलना मे ज़्यादा होता है।




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