तुलसी ( Tulsi leaves )
Last Updated : Nov 08,2020


तुलसी क्या है, इसका उपयोग,स्वास्थ्य के लिए लाभ, रेसिपी , Tulsi Leaves in Hindi
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अन्य नाम
भारतीय बेसिल, पवित्र बेसिल

तुलसी क्या है?


तुलसी, जिसे भारतीय बेसिल भी कहा जाता है, भारत में इसे अकसर हर्बस् की रानी माना जाता है।
पवित्र हर्ब मानी जाने वाली, इसे लगभग हर भारत के घर में उगाया जाता है। पवित्र माने जानने के अलावा, तुलसी को बेहतरीन आरोग्यसाधक भी माना जाता है। इसके पत्ते और जड़ो का प्रयोग चिकित्सक काढ़ा बनाने में किया जाता है, जो शरीर और मन को शांत रखने मे मदद करते हैं।

यह सुशबुदार पेड़, जो बेसिल के पेस्टो विकल्प से अलग है, भारत का मूल्य है। यह एक लंबा पेड़ होत है, जिसकी बहुत सी छोटी शाँखे होती है। इसके पत्ते हरे रंग के और तेज़ खुशबु और स्वाद वाले होते हैं। तुलसी के पत्ते अंडाकार के और हल्के तेज़ नोक वाले होते हैं और इसके किनारे हल्के नोकीले होते हैं। भारत में तुलसी के दोन मुख्य प्रकार होते हैं- एक बैंगनी फूल वाले और दुसरा जिसके फूल हरे-भुरे रंग के होते हैं।

कटी हुई तुलसी (chopped tulsi leaves)
पत्तों को डंठल से निकाल लें। साफ और धोकर, किचन टॉवल से हल्के हाथों पोंछ लें। पत्तों को साथ लाकर, व्यंजन की आवश्यक्ता अनुसार, चाकू का प्रयोग कर, बड़े या बारीक टुकड़ों में काट लें।

चुनने का सुझाव
• इसके पत्ते तेज़ हरे रंग के होने चाहिए और बिना किसी गहरे रंग के दाग और धब्बे के होने चाहिए।
• छेद वाले पत्ते ना चुनें, जो कीड़े से खराब होने का चिन्ह है।
• आजकल, बाज़ार में तुलसी के पत्तों का पाउडर भी मिलता है जिसका प्रयोग व्यंजन में आसानी से किया जा सकता है।

तुलसी के उपयोग रसोई में (uses of tulsi leaves in Indian cooking )

1. तुलसी का पानी की रेसिपी | तुलसी के पानी के फायदे | पवित्र तुलसी का पानी | भारतीय तुलसी का पानी | tulsi water in hindi | with 10 amazing images. 

तुलसी पानी एक लोकप्रिय स्वस्थ पेय है और भारतीय तालू तुलसी के सुखद और कायाकल्प स्वाद के आदी है। यह हमें सुकून देता है और हमारी इंद्रियों को ताज़ा करता है। एसिडिटी से पीड़ित लोगों के लिए यहां बड़ी खबर है।

2. तुलसी टी रेसिपी | तुलसी की चाय | गले में खराश के लिए तुलसी की चाय | वजन घटाने के लिए तुलसी की चाय | tulsi tea recipe in hindi language | with 12 amazing images. 

3. तुलसी काढ़ा रेसिपी | सर्दी-खांसी के लिए तुलसी काढ़ा | खांसी-जुकाम के लिए घर का काढ़ा | सर्दी और खांसी का घरेलू उपय काढ़ा | अदरक तुलसी का काढ़ा | kadha for cold and cough in hindi | 

तुलसी की चाय 2 सामग्रियों, तुलसी के पत्तों + नींबू के रस से बनाई जाती है। तुलसी के पत्तों को 10 मिनट के लिए पानी में पकाया जाता है। पानी तनाव और वजन घटाने के लिए नींबू का रस और आपकी तुलसी चाय जोड़ें।


• अकसर तुलसी के पत्तों का प्रयोग उनके चिकित्सक गुणों के लिए किया जाता है।
• इन्हें विभिन्न प्रकार के ज्यूस और सिरप में मिलाया जा सकता है।
• चाय और हर्बल पेय में तुलसी के कुछ पत्तों को डालकर, आप इन्हें और भी मज़ेदार बना सकते हैं।
• स्फूर्तिदायक तुलसी चाय के गुनगुने कप का मज़ा लेने के लिए, उबलते पानी में कटी हुई तुलसी के पत्ते डालकर 8 मिनट तक उबाल लें।
• इन्हें सलाद और डेज़र्ट में भी मिलाया जा सकता है।

संग्रह करने के तरीके
• ताज़े तुलसी के पत्तों को कुछ दिनों के लिए फ्रिज में रखा जा सकता है। फ्रिज में रखने से पहले, इन्हें साफ कर, प्लास्टिक फिल्म में अच्छी तरह लपटे लें या हवा बद डब्बे में रख दें।
• बेहतर होता है कि आप पत्तों को तोड़ने के बाद 1 या 2 दिनों के अंदर प्रयोग कर लें क्योंकि यह मुरझा सकते हैं और अपनी खुशबु और स्वाद जल्दी खो देते हैं।

तुलसी के फायदे, स्वास्थ्य विषयक (benefits of tulsi leaves)
• तुलसी में बहुत गुणकारी किटाणुनाशक, प्रतिजीवाणु, फफूंदनाशी और प्रतिजैविक गुण होते हैं, जो बुखार उतारने में मदद करते हैं।
• तुलसी के पत्ते ऑक्सीकरण रोधी और ज़रुरी तेल से भरपुर होते हैं, जो युगीनोल, मीथाईल युगीनोल और कॅरीयोफाईलीन बनाते हैं। एक साथ यह पदार्थ अग्न्याशय के बीटा सेल्स् को सही तरह से काम करने में मदद करते हैं। बदले में यह इन्सुलिन के लिए संवेदशिल्ता बढ़ाने मे मदद करता है, जिससे रक्त में शक्कर की मात्रा कम होती है और मधुमेह को अच्छी तरह से ठीक करने में मदद करता है।
• और भी लाभादायक बात यह है कि, पत्तों में प्रस्तुत ऑक्सीकरण रोधी जारणकारी तनाव के अस्वस्थ प्रभाव को कम करने में मदद करते हैं।
• हर रोज़ खाली पेट तुलसी के कुछ पत्तों को चबाने से, हृदय रोग से बचा जा सकता है और दूर भी रहा जा सकता है।
• केंद्रिय औषध अनुसंधान संस्था, लकनऊ, भारत के द्वारा की गाँ जाँच के अनुसार, तुलसी कार्टीसोल नामक तनाव हार्मोन की मात्रा को संतुलित रखने में मदद करती है।
• बेहतरीन मूत्रवर्धक और विषहरण पदार्थ होने के कारण, तुलसी किडनी के लिए अच्छी होती है। तुलसी खून में युरिक एसिड की मात्रा को कम करने में करती है, जो किडनी को साफ रखने में मदद करती है। इसके ज़रुरी तेल में प्रस्तुत एसिटिक एसिड और अन्य पदार्थ किडनी में पत्थर को तोड़ने में मदद करते हैं, वहीं इसका दर्दनाशक प्रभाव किडनी में पत्थर के दर्द को कम करने में मदद करता है।




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